श्रीनगर बुधवार 26 फरवरी 2020।। Balakot Air Strike Anniversary: बालाकोट हमले के बाद खामोश रहे जैश-ए-मोहम्मद ने एक बार फिर अपनी जिहादी गतिविधियां शुरू कर दी हैं। भारतीय वायुसेना की कार्रवाई में तबाह हुआ उसका बालाकोट ट्रेनिंग कैंप फिर से सक्रिय हो चुका है। सूत्रों के अनुसार, छह एकड़ में फैले इस कैंप में 35 नए जिहादियों की आतंकी ट्रेनिंग चल रही है। इनमें एक दर्जन के करीब कश्मीरी मूल के आतंकी हैं। इंडियन एयरलाइंस के अपहृत विमान को छुड़ाने के लिए अजहर मसूद संग रिहा किया गया आतंकी मुश्ताक अहमद जरगर उर्फ लटरम भी कथित तौर पर बीते तीन माह के दौरान इस शिविर में तीन से चार बार देखा गया है।
14 फरवरी, 2019 को जैश के आतंकी आदिल डार ने जम्मू-श्रीनगर हाईवे पर लिथपोरा (पुलवामा) में सीआरपीएफ के काफिले पर हमला किया था। इस हमले में 40 सीआरपीएफ कर्मी शहीद हुए थे। हमले के 12 दिन बाद 26 फरवरी, 2019 को भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान में घुसकर जैश के एक प्रमुख जिहादी कैंप को निशाना बनाया। दावा किया जाता है कि वायुसेना की कार्रवाई के समय कैंप में मौजूद 300 के करीब आतंकी और उनके सरगना मारे गए थे। बहावलपुर स्थित मुख्यालय के बाद पाकिस्तान में जैश का सबसे बड़ा आतंकी कैंप बालाकोट में ही है। इसमें आतंकी ट्रेनिंग की पूरी व्यवस्था है। इनकी ट्रेनिंग के लिए अफगानिस्तान के तीन पुराने जिहादी कमांडरों के अलावा पाकिस्तानी सेना के दो सेवानिवृत्त अधिकारी हैं। इस कैंप में एक बड़ा मदरसा भी है।